सब्र का बांध टूट चुका अब तो हरियाणा में ‘राष्ट्रपति शासन लगाओ और बेटियों को बचाओ’ का रास्ता ही बचा –दीपेन्द्र हुड्डा

सब्र का बांध टूट चुका अब तो हरियाणा में राष्ट्रपति शासन लगाओ और बेटियों को बचाओका रास्ता ही बचा –दीपेन्द्र हुड्डा

चंडीगढ़:

सांसद दीपेन्द्र ने आज कहा कि हरियाणा के चरखी दादरी के गांव मानकावास में एक स्कूली छात्रा को अगवा कर चाकू की नोंक पर गैंगरेप की खबर ने अब सब्र का बांध तोड़ दिया है। गैंगरेप से जुड़ी ये छठवीं घटना है जो सामने आयी है। इससे पहले पिछले पांच दिन में पांच गैंग रेप और हत्या की दिल दहला देने वाली वारदातों से अब तो ऐसा लगता है हरियाणा पूरे देश का सबसे असुरक्षित राज्य बन गया है। एनसीआरबी के आंकड़े भी यही कह रहे हैं, जिसके मुताबिक गैंगरेप का राष्ट्रीय औसत 0.3 है जबकि हरियाणा में यह 1.5 है यानि पांच गुना। यानि हरियाणा अपराधियों के लिये सुरक्षित हब बन चुका है। अब तो बस एक ही चारा बचा है कि बिना एक पल की देरी किये हरियाणा सरकार को बर्खास्त किया जाये और बेटियों को बचाने के लिये यहां राष्ट्रपति शासन लागू किया जाये।

उन्होंने कहा कि जो प्रदेश हुड्डा सरकार के कार्यकाल में निवेश में, प्रति व्यक्ति आय में,खेलों में देश में नम्बर वन राज्य था वो आज अपराध में नम्बर वन राज्य बन गया है। 2014 के मुकाबले 2016 में, मात्र दो सालों में, हरियाणा का अपराध दर बढ़ कर 78 हो गया है जोकि साल दर साल बिगड़ते हालातों का सूरतेहाल बयां करता है। हाल ही में जारी हुए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में 1187 बलात्कार और 191 गैंग रेप की घटनायें हुई हैं जो देश में सबसे आगे रहा है। इससे भी ज्यादा शर्मनाक और चिंता की बात यह है कि लगभग आधे से ज्यादा वारदातों की शिकार नाबालिग बच्चियां हो रही हैं। बढ़ते अपराध को लोग किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे, सरकार को जवाब देना ही पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार की कमजोरी और निकम्मेपन के कारण ही अपराधी बेखौफ होकर एक के बाद एक घिनौनी वारदात को अंजाम दिये जा रहे हैं। छह दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में खुलेआम घूम रहे अपराधी हरियाणा की मासूम बहन बेटियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या जैसी जघन्य घटनाओं का तांडव मचाये हुए हैं। लेकिन ये सरकार अभी भी आंख मूंदे हुए चुपचाप सो रही है। आखिर किसे बचा रही है ये सरकार? मुख्यमंत्री जिनके पास गृह विभाग की जिम्मेदारी भी है अपनी जिम्मेदारियों को निभा पाने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं। साढ़े तीन साल में तीन बार डीजीपी को बदलने वाली ये सरकार अब अपनी गलतियों का ठीकरा चंद अधिकारी-कर्मचारियों पर फोड़कर बचने की जुगत भी लगा रही हैं।

दीपेन्द्र ने आगे कहा कि आज पूरे प्रदेश में बहन-बेटियों को घर की चौखट से बाहर कदम निकालने से पहले अपनी हिफाजत के बारे में सोचना पड़ रहा है। पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल बन चुका है। इससे पहले कि प्रदेश के लोगों के गुस्से का ज्वालामुखी फूटकर सड़कों पर आ जाये, केंद्र सरकार को तुरंत प्रभावी कदम उठाने चाहिए और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर नाकाम इस निकम्मी सरकार को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करना चाहिए, साथ ही अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कर प्रदेश में बेपटरी हो चुके कानून के राज को स्थापित करना चाहिए। सूबे की इस सरकार से अब लोगों को किसी तरह की कोई उम्मीद नहीं बची है।

 

 

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सब्र का बांध टूट चुका अब तो हरियाणा में 'राष्ट्रपति शासन लगाओ और बेटियों को बचाओ' का रास्ता ही बचा –दीपेन्द्र हुड्डा | NORTH INDIA KALEIDOSCOPE

Rajesh Ahuja

I am a veteran journalist based in Chandigarh India.I joined the profession in June 1982 and worked as a Staff Reporter with the National Herald at Delhi till June 1986. I joined The Hindu at Delhi in 1986 as a Staff Reporter and was promoted as Special Correspondent in 1993 and transferred to Chandigarh. I left The Hindu in September 2012 and launched my own newspaper ventures including this news portal and a weekly newspaper NORTH INDIA KALEIDOSCOPE (currently temporarily suspended).