शिक्षक हमेशा आदरणीय रहा है, वे अपने ज्ञान के कारण हमेशा आदरणीय रहेगा: कुलपति

कुरुक्षेत्र:

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय  के कुलपति डॉ कैलाश चन्द्र शर्मा ने कहा है कि शिक्षक हमेशा आदरणीय रहा है, वे अपने ज्ञान के कारण हमेशा आदरणीय रहेगा। मनुष्य की रचना शिक्षक करता है इसलिए उसे भारतीय दर्शन में भगवान से बड़ा स्थान दिया गया है। समाज में शिक्षक का स्थान सम्मानीय बना रहे ऐसा समाज व शिक्षक दोनों को देखना होता है। वे मंगलवार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय  के आरके सदन में शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षकों को सम्बोधित कर रहे थे । इस मौके कुलपति ने पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग के प्रो. दिनेश गुप्ता व एआईएच विभाग के शिक्षक डॉ. सुखदेव सैनी को लैपटाप प्रदान किए।

उन्होंने कहा कि एक अच्छा शिक्षक अपने विद्यार्थियों में सीखने की वृत्ति उत्पन्न करता है। वह ऐसा इसलिए कर पाता है क्योंकि वह हमेशा एक विद्यार्थी बनकर कुछ नया सीखने के लिए तैयार रहता है। उन्होंने कहा कि आज हमें ऐसे शिक्षकों की आवश्यकता है जो युवा पीढ़ी में यह वृत्ति पैदा कर सकें। यह खुशी की बात है कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के शिक्षक अपनी कड़ी मेहनत से हरियाणा व देश की युवा पीढ़ी को एक दिशा देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महान शिक्षक सर्वपल्ली राधाकृष्णनन का जन्म दिवस देशभर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। वे भारतीय शिक्षक के आदर्श हैं। अपने ज्ञान व विद्वता के कारण ही उन्हें समाज में यह स्थान प्राप्त हुआ। हमें ऐसे शिक्षकों को अपना आदर्श मानकर जीवन में आगे बढऩे की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि एक शिक्षक को आचार्य बनने की स्थितियां पैदा करनी चाहिए क्योंकि अच्छा शिक्षक वही है जिसका विद्यार्थी अनुसरण करना चाहते हैं। जो शिक्षक अपने विद्यार्थियों की उपेक्षा करता है उसे अच्छा शिक्षक नहीं कहा जा सकता। इस मौके पर कुलपति ने एक आदर्श शिक्षक के आचरण को लेकर कईं प्रेरणात्मक व्याख्यान के जरिए शिक्षकों को देश व समाज की सेवा के लिए प्रेरित किया।

शिक्षक किसी समाज का हित चिन्तक, पथ प्रदर्शक व प्रेरक होता है। भारतीय प्राचीन परम्परा में शिक्षक को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। जब हम शिक्षक की श्रेष्ठता को समझने लगेंगे तभी भारत में उच्च शिक्षा को हम एक नई दिशा दे सकेंगे।

उन्होंने कहा कि समाज को उच्च कोटि के योग्यवान, चरित्रवान शिक्षकों की हमेशा जरूरत रही है। शिक्षक को  परमेश्वर का रूप भारतीय समाज में दिया गया है। पश्चिमी सभ्यता में लोग पाठ्यक्रमों को देखकर कालेजों व विश्वविद्यालयों का चयन करते हैं। हमारे यहां अच्छे शिक्षकों को देखकर कालेजों व विश्वविद्यालयों का विद्यार्थी चयन करने की परम्परा रही है। भारत में हमें इस परम्परा को आगे बढाने की जरूरत है। देश के विकास के लिए भारत की शिक्षा पद्धति भारत केन्द्रित होना जरूरी है।शिक्षक एक दीपक की तरह है जो समाज को आलोकित करता है। कुलपति ने कहा कि एक अच्छा शिक्षक वह है जो विद्यार्थियों को प्रेरित करता है।

कुलपति ने कहा कि शिक्षा से ही समाज में सामाजिक एवं मानवीय मूल्य विकसित होते हैं। इन मूल्यों का विकास एक शिक्षक करता है। दुनिया में शिक्षक का कोई विकल्प नहीं है। हम कितना भी तकनीकी विकास कर लें, लेकिन अच्छे शिक्षकों की हमेशा जरूरत बनी रहेगी। मैं सभी शिक्षक साथियों को उनकी सकारात्मक व रचनात्मक भूमिका के लिए धन्यवाद करता हूं।

इस मौके पर कुटा प्रधान डॉ. संजीव शर्मा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चन्द्र शर्मा के नेतृत्व में आज विश्वविद्यालय हर क्षेत्र में उन्नति कर रहा है।  विश्वविद्यालयों के शिक्षकों ने हमेशा इसके हित के लिए कड़ी मेहनत लगन व निष्ठा के साथ काम किया है जिसके कारण आज विश्वविद्यालय की यह स्थिति है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षक संघ की अधिकतर मांगों को लेकर प्रशासन का नज़रिया सकारात्मक है। उन्होंने कुटा की मांगों को पूरा करने के लिए कुलपति का धन्यवाद किया।

कुटा सचिव डॉ. नरेश ने इस मौके पर एटहोम कार्यक्रम के आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन का धन्यवाद किया।
इस मौके पर डीन एकेडमिक अफेयर प्रो. अनिल वोहरा, डीन आफ कॉलेज प्रो. रजनीश शर्मा, डीन आफ साईंस प्रो. श्याम कुमार, प्रो. वीके गुप्ता, प्रो.मंजूला चौधरी, यूआईईटी के निदेशक प्रो. सीसी त्रिपाठी, प्रो. आशू शौकीन, प्रो. शुचिस्मिता शर्मा,  प्रो. एसएस बूरा, प्रो. संजीव अग्रवाल, प्रो. राजेन्द्र नाथ, प्रो. रामविरंजन, प्रो. राजेश्वर मिश्र, प्रो. नरेन्द्र सिंह, प्रो. मंजूषा शर्मा, प्रो. अजमेर सिंह मलिक, कुटा के उप-प्रधान डॉ. दीपक राय बब्बर,  डॉ. परमेश, परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुक्म सिंह, डीन, निदेशक, विभिन्न विभागों के चैयरमैन एवं शिक्षक मौजूद थे ।

मंच का संचालन युवा संास्कृतिक विभाग के निदेशक डॉ. सीडीएस कौशल ने किया।

Dr. Tejinder Sharma

Director Public Relations

Kurukshetra University, Kurukshetra

Pin-136119, Haryana

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Rajesh Ahuja

I am a veteran journalist based in Chandigarh India.I joined the profession in June 1982 and worked as a Staff Reporter with the National Herald at Delhi till June 1986. I joined The Hindu at Delhi in 1986 as a Staff Reporter and was promoted as Special Correspondent in 1993 and transferred to Chandigarh. I left The Hindu in September 2012 and launched my own newspaper ventures including this news portal and a weekly newspaper NORTH INDIA KALEIDOSCOPE (currently temporarily suspended).