एमओयू साईन करने से नहीं धरातल पर निवेश से ही मिलेगा युवाओं को रोजगार – भूपेन्द्र हुड्डा

एमओयू साईन करने से नहीं धरातल पर निवेश से ही मिलेगा युवाओं को रोजगार – भूपेन्द्र हुड्डा

  • हजारों करोड़ के निवेश के दावे खोखले, धरातल पर नहीं हुआ कोई निवेश

  • युवाओं को रोजगार देने की बजाये छीनने का काम कर रही है भाजपा सरकार

चंडीगढ़:

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने आज पत्रकारों से बातचीत के दौरान खट्टर सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री खट्टर का हरियाणा में हजारों करोड़ रुपये के निवेश लाने का दावा पूरी तरह खोखला है। धरातल पर पिछले ढाई साल से कोई निवेश नहीं आया है। सच्चाई तो ये है कि पिछले ढाई वर्षों से भाजपा की खट्टर सरकार केवल एमओयू साईन करने विदेश जाती है और नतीजा शून्य ही रहता है। यदि ऐसा नहीं होता तो आज हरियाणा के युवाओं को रोजगार के लिये दर-दर नहीं भटकना पड़ता।

उन्होंने आगे कहा कि कोई भी निवेश आयेगा या उद्योग लगेगा तो उसके लिये सबसे पहले जमीन की जरुरत होगी। हवा में तो उद्योग लगेगा नहीं और उद्योगों के लिये जमीन उपलब्ध कराये बिना ही ये सरकार सिर्फ दिखावे और झूठी वाहवाही लूटने के लिये एमओयू साईन किये जा रही है। इस सरकार का आधे से ज्यादा का कार्यकाल बीत चुका है और इस दौरान मुख्यमंत्री तीन बार विदेश गये और वहां 14 एमओयू साईन होने की बात बताई गयी। पहले के साईन एमओयू में से एक भी धरातल पर उतरकर युवाओं को रोजगार नहीं दे सका। ताजा विदेश दौरे में 18 हजार करोड़ के 5 एमओयू साईन होने तथा 10 हजार रोजगार पैदा होने का दावा किया जा रहा है। जबकि पिछले ढाई साल में इस सरकार ने हरियाणा के 42000 लोगों का रोजगार पहले ही छीन लिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल जो निवेशक सम्मेलन हुआ था उसमें 450 एमओयू साईन हुए थे और लाखों लोगों को रोजगार मिलने का दावा किया गया था। ये सारे एमओयू भी फुस्स साबित हुए। इनमें से लगभग 300 एमओयू तो शायद मौजूदा सरकार को याद भी नहीं होंगे। हरियाणा में निवेश लाने के नाम पर बड़े-बड़े विदेशी दौरे और आयोजन पर जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है। इसके बावजूद मौजूदा भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रतिवर्ष औसत मात्र 9 परियोजनायें ही लग पायीं जिनमें लगभग 335 करोड़ रुपए का निवेश हो सका। जबकि, हमारी कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रति वर्ष औसतन 41 परियोजनायें लगीं और हर साल 2581 करोड़ रुपए का निवेश हुआ।

पिछले दिनों एक आर.टी.आई. से हरियाणा में भाजपा सरकार द्वारा प्रदेश के युवाओं के साथ की जा रही धोखधड़ी की पोल भी खुल गयी। जमीनी हकीकत और झूठे दावों में जमीन आसमान का अंतर उजागर करती आरटीआई से राज्य में निवेश और रोजगार की कलई खुलकर सामने आ गयी। मौजूदा भाजपा सरकार और पिछली कांग्रेस सरकार के समय मिले रोजगार और निवेश की तुलना की जाये तो पिछली कांग्रेस सरकार ने युवाओं को हर साल औसतन 12000 नये रोजगार दिये, जबकि अब यह आंकड़ा घट कर केवल 1000 पर सिमट गया है, यानि पिछले तीन वर्षों में अकेले रोजगार के आंकड़ों में 12 गुना गिरावट आयी है। इस आर.टी.आई. ने सरकार के ‘हैपनिंग हरियाणा’ ‘मेक इन इंडिया’ और हरियाणा में भारी भरकम पूंजीनिवेश के सरकारी दावों की भी पोल खोल दी है।

चौ. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पहले युवाओं को नये रोजगार देने और 9000 रुपये बेरोजगारी भत्ता देने जैसे बड़े-बड़े वादों का सहारा लिया और सत्ता में आने के बाद अपने वादों को भूल कर अब झूठे दावों से युवाओं को गुमराह करने का काम कर रही है। यह सरकार हर मोर्चे पर फेल साबित हुई है।

Print Friendly